मनुष्य को हमेशा मौका नही ढूंढना चाहिये,
क्योंकि जो आज है वही सबसे अच्छा मौका है।
क्योंकि जो आज है वही सबसे अच्छा मौका है।
प्रेम एक ऐसा अनुभव है जो मनुष्य को कभी हारने नही देता,
और घृणा एक ऐसा अनुभव है जो इंसान को कभी जीतने नही देता।
और घृणा एक ऐसा अनुभव है जो इंसान को कभी जीतने नही देता।
मनुष्य को हमेशा यह नही सोचना चाहिए की वो अपने जीवन में कितना खुश है,
बल्कि यह सोचना चाहिये की उस मनुष्य की वजह से दूसरे कितने खुश हैं।
बल्कि यह सोचना चाहिये की उस मनुष्य की वजह से दूसरे कितने खुश हैं।
जब तक हम किसी भी काम को करने की कोशिश नही करते हैं, जब तक हमे वो काम नामुमकिन ही लगता है।
मनुष्य को अपने लक्ष्य में कामयाब होने के लिए
खुद पर विश्वास होना बहुत ज़रूरी है।
खुद पर विश्वास होना बहुत ज़रूरी है।
जब तक मनुष्य के जीवन में सुख-दुख नही आयेगा,
तब तक मनुष्य को ये एहसास कैसे होगा कि जीवन में क्या सही है और क्या गलत।
हमेशा मनुष्य को परछाई और आईने की तरह दोस्त बनाने चाहिए,
क्योंकि परछाई कभी साथ नही छोड़ती और आईना कभी झूठ नही बोलता।
क्योंकि परछाई कभी साथ नही छोड़ती और आईना कभी झूठ नही बोलता।
अगर कोई मनुष्य आपको केवल ज़रूरत पड़ने पर ही याद करता है तो उस बात का बुरा मत मानो, क्योंकि जब अँधेरा हो जाता है तभी दिए की याद आती है।









