नमस्कार दोस्तों मुझे उम्मीद है कि आप सभी अच्छे होंगे। दोस्तों कुछ लोगों में सब्र नहीं है और वे अपना काम बनाने के लिए शक्ति का प्रयोग करते है। और मैं आपको ये बता देना चहता हूँ की शक्ति से कोई काम नहीं बनता। अगर आप शक्ति की बजाय काम को बनाने के लिए दिल का प्रयोग करेंगे तो काम जल्दी बन जाएगा। ये ही बात समझाने के लिए मैं आपको एक कहानी सुनाता हूँ। दिल की चाबी ।
किसी गाँव में एक ताले वाले की दूकान थी। ताले वाला रोज बहुत से ताले और चाबियाँ बनाया करता था। इन्हे बनाने के लिए वह हथौड़े का प्रयोग किया करता था।
हथौड़ा लोहे का बना होने के कारण बहुत ही मजबूत और शक्तिशाली था। हथौड़ा रोज देखता था की चाबी ताले को आसानी से खोल देती थी।
जबकि हथौड़े को उसे तोड़ने के लिए बहुत ही मेहनत लगती थी।
एक दिन हथौड़े ने चाबी से पूछ ही लिया कि मैं लोहे का बना होने के कारण बहुत ही शक्तिशाली हूँ। लेकिन फिर भी मुझे ताला खोलने में बहुत ही शक्ति और समय लगाना पड़ता है।
तुम मुझ से बहुत ही कम शक्तिशाली हो फिर भी तुम आसानी से इतने मजबूत ताले को कैसे खोल देती हो।
चाबी ने मुस्कुराते हुए कहा – तुम अपनी शक्ति का प्रयोग करके ताले को तोड़ने की कोशिश करते हो। लेकिन मैं दिल का प्रयोग करके ताले के अंतर्मन में झांकर।
उससे विनम्र निवेदन करती हूँ। इसी कारण ताला आसानी से खुल जाता है।
दोस्तों इस कहानी से मैं आपको ये समझाना चाहता हूँ। की आप कितने भी शक्तिशाली और ताकतवर क्यों न हो।
आप अपनी शक्ति के दम पर हर काम को नहीं बना सकते, और ना ही आपकी शक्ति देखकर लोग आपकी इज्जत करेंगे। बस वे आपसे डर तो सकते है।
एक बात हमेशा याद रखिये हथौड़े की शक्ति और ताकत से ताला खुलता नहीं है बल्कि टूट जाता है। आपको लोगो के दिल की चाबी बनना होगा। दिल की चाबी ।
नोट - यहाँ पर शेयर की गयी प्रेरक कहानी और प्रेरणादायक कहानी मेरी मूल रचना नहीं है। मैंने इसे पहले पढ़ा या सुना है और मैं कुछ संशोधनों के साथ इसका हिंदी संस्करण उपलब्ध करा रहा हूं। मैं मुश्किल समय के माध्यम से लोगों को और अधिक आसानी से प्राप्त करने में मदद करना चाहता हूं। धन्यवाद।


Very nice story.
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