साइलेंट हार्ट अटैक के 4 संकेत (4 Symptoms of Silent Heart Attack)

हार्ट अटैक को खतरनाक बीमारी माना जाता है क्योंकि ये रोग रोगी को संभलने का भी मौका नहीं देता है। कई बार लक्षण दिखने के थोड़ी देर में ही व्यक्ति की मौत हो जाती है। मगर क्या आपको पता है कि हार्ट अटैक से भी खतरनाक एक दिल की बीमारी है, जिसे 'साइलेंट हार्ट अटैक' (Silent Heart Attack) कहते हैं। आमतौर पर हार्ट अटैक (दिल का दौरा) आने का सबसे आम लक्षण है कि व्यक्ति के सीने में तेज दर्द होता है। मगर साइलेंट हार्ट अटैक होने पर व्यक्ति में ऐसे कोई लक्षण नहीं दिखते हैं, जिन्हें गंभीरता से लिया जाए। ऐसे में व्यक्ति लक्षणों को नजरअंदाज कर देता है और अचानक उसकी मौत हो जाती है।

शरीर में पल रहे रोग का पता नहीं चलता

हार्ट अटैक (हृदयाघात) आमतौर पर तब होता है, जब दिल के किसी हिस्से में खून का प्रवाह ठीक से नहीं हो पाता है, जिससे दिल के उस हिस्से की मांसपेशियां मरने लगती हैं। आमतौर पर ये स्थिति अचानक आती है और जानलेवा होती है। हार्ट अटैक के कई कारण हो सकते हैं, जो जिंदगी भर आपके शरीर में खतरे को बढ़ाते रहते हैं, मगर आपको पता भी नहीं चलता है। आमतौर पर 40-45 साल की उम्र तक व्यक्ति को अगर बीमारी नहीं है और उसका शरीर सही काम कर रहा है, तो उसे लगता है कि वो स्वस्थ है। मगर कई बार कुछ छोटी-छोटी गलत आदतों के कारण आपके शरीर में ऐसी स्थिति बनती चली जाती है, जिसके कारण 45-50 की उम्र के बाद हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।


साइलेंट हार्ट अटैक क्यों है खतरनाक स्थिति?
साइलेंट हार्ट अटैक को मेडिकल साइंस में बेहद खतरनाक स्थिति माना जाता है क्योंकि कई बार इस तरह के हार्ट अटैक के पहले दिखने वाले लक्षण बेहद सामान्य होते हैं, कि मरीज को लगता है कि रोजमर्रा की कोई छोटी-मोटी समस्या है। साइलेंट हार्ट अटैक के समय देखने वाले को व्यक्ति बिल्कुल ऩर्मल लग सकता है, इसलिए आसपास मौजूद लोग भी ऐसे में कोई मदद नहीं कर पाते हैं।
आमतौर पर साइलेंट हार्ट अटैक के 4 संकेत हैं, जिनके दिखने पर व्यक्ति को सावधान हो जाना चाहिए।

  • सीने के बीच के हिस्से में तेज बेचैनी महसूस होना, जैसे- सीने को कोई बहुत तेज दबा रहा है, तेज दर्द हो रहा है या कोई अंगों को मुट्ठी में मसल रहा है। ये लक्षण कुछ समय तक लगातार रह सकता है या कुछ सेकंडों-मिनटों के अंतर पर आता-जाता हुआ महसूस हो सकता है।
  • सीने के ऊपर के हिस्सों में परेशानी महसूस होना जैसे- कंधों, दोनों बाजुओं, पीठ, गर्दन, पेट और जबड़ों में अजीब सी बेचैनी या दर्द महसूस होना। हो सकता है मरीज को इनमें से किसी एक अंग में बेचैनी महसूस हो, या एक साथ कई अंगों में हो।
  • सीने में दबाव के साथ-साथ व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी होने लगना, जिससे वो ठीक से सांस न ले पाए।
  • सिर भारी लगना, चक्कर आना और अचानक ठंडा पसीना आना।

साइलेंट हार्ट अटैक में ध्यान देने वाली जरूरी बातें (Tips During Heart Attack)

  • कई बार साइलेंट हार्ट अटैक के ये लक्षण दिखने के बाद व्यक्ति सामान्य हो जाता है। मगर ये इस बात का संकेत है कि आपको जल्द ही दूसरा और तीसरा अटैक आने वाला है, जो अगली बार आपको संभलने का मौका नहीं देगा। इसलिए इनमें से किसी भी लक्षण के दिखने पर जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें और जरूरी सलाह लें।
  • साइलेंट हार्ट अटैक में होने वाला सीने का दर्द कई बार इतना हल्का होता है, कि व्यक्ति को लग सकता है कि उसे गैस या पेट की किसी बीमारी की वजह से दर्द हो रहा है। इसलिए सीने में दर्द के साथ दूसरे लक्षणों के दिखने पर सावधान हो जाएं।
  • अकेले सीने में दर्द हार्ट अटैक का लक्षण नहीं होता है, इसलिए अगर किसी को अचानक सीने में दर्द हो, तो घबराएं नहीं, बल्कि अन्य लक्षणों के दिखने पर ही इसे हार्ट अटैक समझें।

क्यों आता है साइलेंट हार्ट अटैक? 

(Causes of Silent Heart Attack)

आमतौर पर सामान्य हार्ट अटैक और साइलेंट हार्ट अटैक, दोनों को बढ़ाने वाले खतरे एक ही होते हैं। मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल और डायबिटीज के कारण व्यक्ति को इन रोगों का खतरा हो सकता है। अंतर सिर्फ इतना है कि साइलेंट हार्ट अटैक के मामले में व्यक्ति को समझ नहीं आता है कि उसे क्या करना चाहिए।

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