फेसबुक पर हुआ प्यार (a Facebook love story )

फेसबुक पर एक लव स्टोरी लोगों का दिल जीत रही है. ये कहानी इतनी रोमांटिक है कि आप भी शायद प्यार में पड़ना चाहेंगे.

'मैं 28 साल की थी जब मैंने तय किया कि मैं शादी के लिए तैयार हूं. मैंने कुछ लड़कों से बात करना शुरू की, लेकिन किसी से भी मुझे जुड़ाव महसूस नहीं हुआ. एक दिन मैं अपने फेसबुक पर स्क्रॉल कर रही थी कि मेरे फेसबुक चैट पर हर्ष नाम के एक शख्स का मैसेज आया- ''क्या हम एक-दूसरे को जानते हैं?'' आप चाहे मुझे पागल कहें, लेकिन मैंने चांस लिया और उसी समय रिप्लाई किया. उसके बाद से हमारे बीच रोज बातचीत होना शुरू हो गई. हमारे बीच जो कॉमन फ्रेंड्स थे उन्होंने भी इसमें अहम रोल निभाया. हर्ष ऑस्ट्रेलिया में था और मैं मुंबई में, लेकिन हमें कभी भी महसूस नहीं हुआ कि हमारे बीच दूरी है.

हमने एक महीने बात की लेकिन लगा जैसे एक साल से हम एक-दूसरे को जानते हों. समय बहुत धीमे गुजर रहा था. हम लगातार बातें कर रहे थे, लेकिन लगता था कि इतना काफी नहीं है. मुझे याद है कि एक दिन हमने 18 घंटे तक बातें की थीं. फोन की बैटरी खत्म हो रही थी, तो हमने तुरंत अपने लैपटॉप पर स्काइप ऑन कर लिया. मुझे हर्ष की लत लग चुकी थी. एक दिन भी बात न हो तो लगता था कि दिन पूरा नहीं हुआ.
अपना स्टेटस ''आई थिंक आई एम इन लव'' अपडेट करने के बाद से वो मुझे हमेशा बातचीत के आखिर में ''आई लव यू'' बोलने लगा. मैं सिर्फ ''ओके, थैंक यू'' कहकर रिप्लाई करती थी. लेकिन एक दिन मुझसे भी रहा नहीं गया और मैंने भी उसे ''आई लव यू'' कह दिया.
इसके कुछ ही दिनों बाद मेरे पास एक पार्सल आया जिसमें पेबल्स (छोटे गोल पत्थर) थे. मैंने एक बार उसे एक बार बताया था कि कैसे पेंगुइन अपना प्यार का इजहार करने के लिए सबसे सुंदर पेबल्स तलाशते हैं और फिर अपना प्यार का इजहार करते हुए उसे अपने मेट को देते हैं. बॉक्स में पेबल्स को देखते ही मैं इसका मतलब समझ गई थी. जब मैंने तीनों पेबल्स को उठाया तो उस पर ''विल यू मैरी मी?'' लिखा हुआ था. आप इसे पागलपन कहेंगे लेकिन मैंने एक मिनट भी बिना झिझके प्रपोजल को हां कह दिया.

मुझे पता है आप क्या सोच रहे हैं- हम कभी नहीं मिले थे, न ही एक-दूसरे को जानते थे, लेकिन जब आप प्यार को महसूस करते हैं तो ये सब मायने नहीं रखता. प्यार की कोई टाइमलाइन नहीं होती है. मैं चाहे तो किसी के साथ 10 साल बिता लेती और मुझे उससे खास जुड़ाव भी महसूस नहीं होता, या फिर मैं किसी ऐसे शख्स के साथ खुशी से रह रही होती जिससे मैं बस एक दिन पहले मिली होती.
कोर्ट मैरिज से दो दिन पहले वो ऑस्ट्रेलिया से मुंबई आया. तब हम पहली बार मिले. वो पल बेहद खास था. हम एयरपोर्ट पर एक-दूसरे को गले लगाए रहे. आखिरकार एक गार्ड को आकर हमें वहां से जाने के लिए कहना पड़ा.

तीन साल बाद, हम अभी भी साथ है. एक-दूसरे को बेपनाह प्यार करते हुए, 90 के दशक के गाने सुनते हुए यूं ही अचानक रोड ट्रिप्स पर जाते हुए और इस बात पर बहस करते हुए कि आखिर किसने किसको पहले फ्रेंड के रूप में फेसबुक पर ऐड किया था.'

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